Posts

Showing posts from October, 2016

अजंता देव की पाँच नई कविताएँ

Image
कालीलड़की -१
कालीआँखें कालेबाल कालातिल जबसौंदर्यशास्त्रनेइतनीकालीचीज़ेंगिनारखीहै त्वचाकाकालापनक्योंनहीं क्योंअपनाकालादिलबचाकर किसीकाचेहरास्याहकियाजाताहै क्योंसिर्फ़अंधेरेमेंसहलाईजातीहैकालीदेह सवेरेहिक़ारतसेदेखेजातेहैअपनेहीनाखूनोंकेनिशान कालेऔरलालकेलोकप्रियरंगमेलमें।
कालीलड़की -२
यहमेरेलहूकालोहाथा जोरिसकरआगयाथामेरीत्वचापर चमकताथापसीनानाकपर कालेरंगकीपालिश