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आगामी

आने वाले दिनों में सबद कुछ और लेखकों के रचनात्मक सहयोग से समृद्ध होगा। वे यहाँ अपना नियमित स्तम्भ लिखा करेंगे। हम उनके स्तम्भ हर पखवाडे प्रकाशित किया करेंगे। इस कड़ी में कवि-लेखक यतींद्र मिश्र कविता पर, युवा कहानीकार प्रभात रंजन वेदेशी साहित्य पर और हमारे समय की महत्वपूर्ण कवयित्री-कथाकार अनामिका जनसत्ता-चर्चित अपना अनूठा स्तम्भ,''राग-रंग'' यहाँ जारी रखेंगी। हमारी यह कोशिश है कि साहित्य, कला और विचार में जो महत्व का है, उसकी ओर हम लगातार इशारा करते रहें। इससे ज्यादा ( और कम भी ! ) हम नहीं चाहते। अपनी प्रतिक्रियाएं और सुझाव लिखिएगा...शेष फ़िर....

Comments

Geet Chaturvedi said…
बहुत अच्‍छा ब्‍लॉग. आप जब भी इसे अपडेट करें, कृपया मुझे geetchaturvedi@gmail.com पर मेल भी कर दें.

यतींद्र, प्रभात और अनामिका जी को भी ढेर सारा साधुवाद, वे यहां नि‍यमित लिखने वाले हैं.

इस ब्‍लॉग को ब्‍लॉगवाणी और चिट्ठाजगत पर भी जोड़ लें, ताकि ज़्यादा लोगों को पता चल सके इसके बारे में.

ढेर सारी शुभकामनाएं.
bhashkar said…
blog ko ek kitab ke rup mei dekhna acha lagega, pichle article bhi ache the, khaskar mere jaise loko ke liye jo in chijo se door hain.
ढेर सारी शुभकामनाएं.
bhashkar singh
Amit said…
खुशी की बात है कि कुछ बड़े नाम इस ब्लॉग से जुड़ने वाले हैं।

बधाइयां....
anurag,
bahut badhee aapko ki aapke blog hamare smay ke atyant mahtvpurn lekhak PRABAT RANJAN, ANAMIKA aur mere atyant priy kvi YATINDR bhai aapke yhan likhenge...ab to is blog pr apne jruri kam ki trh roj aana hi padega...badhaee.

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