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सबद विशेष : 19 : ज़बिग्नियव हर्बर्ट

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आगे विलक्षण पोलिश कवि ज़बिग्नियव हर्बर्ट की 21 कविताओं का अनुवाद दिया जा रहा है। ये अनुवाद हर्बर्ट की कविताओं के अंग्रेज़ी अनुवाद The collected poems 1956-1998 (Translations by Alissa Valles; additional translation by Czeslaw Milosz and Peter Dale Scott) पर आधारित हैं। इन्हें हिंदी में मनोयोग से सम्पन्न किया है युवा कवयित्री मोनिका कुमार ने। सबद पर हर्बर्ट के ये अनुवाद दो हिस्सों में शाया होंगें। यह पहला हिस्सा कवि की छोटी कविताओं का है। दूसरे हिस्से में हर्बर्ट की लम्बी कविताएँ होंगी। 
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होनी में मनुष्यकी हिस्सेदारी
होनी हमें दारुण लगती है क्योंकि यह हमारी समझ से परे है। हम भी होनी के कारक हैं क्योंकि हमारे साथ ऐसी कोई होनी नहीं हुई जिस में किसी रूप से हमारी भागीदारी नहीं थी पर फिर भी अपनी पराकाष्ठा में यह हमारे सामने हमेशा रहस्य ही बनी रहती है। जब यह घट जाती है तो हम ठगा हुआ महसूस करते है और सहसा कह उठते है कि यह अटल है। ज़बिग्नियव हर्बर्ट की कविता को पढ़ने की बहुत सारी वजहें गिनवाई जा सकती है लेकिन आज आग्रह केवल इतना ही कि हरबर्ट की कविता में इस अबूझ होनी के साथ सहज होने की जो राह…