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Showing posts from June, 2013

विचारार्थ : तीरथ में भई पानी

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भारत की नदियाँ


-- राममनोहर लोहिया 
अब मैं ऐसे मुद्दे पर बोलना चाहता हूँ जिसका ताल्लुक आमतौर पर धर्माचार्यों से है लेकिन जब से वे ग़ैरज़रूरी और बेकार बातों में लिप्त हो गये हैं, इससे विरत हैं. जहाँ तक मेरा सवाल है, यह साफ़ कर दूँ कि मैं एक नास्तिक हूँ. किसी को यह ग़लतफ़हमी न हो कि मैं ईश्वर पर विश्वास करने लगा हूँ. आज के और अतीत के भी भारत की जीवन-पद्धति, दुनिया के दूसरे देशों की ही तरह, लेकिन और बड़े पैमाने पर, किसी न किसी नदी से जुड़ी रही है. राजनीति की बजाय अगर मैं अध्यापन के पेशे में होता तो इस जुड़ाव की गहन जाँच करता. राम की अयोध्या सरयू के किनारे बसी थी. कुरु, मौर्य और गुप्त साम्राज्य गंगा के किनारों पर फले-फूले, मुग़ल और शौरसेनी रियासतें और राजधानियाँ यमुना के किनारों पर स्थित थीं. साल भर पानी की ज़रूरत एक वजह हो सकती है, लेकिन कुछ सांस्कृतिक वजहें भी हो सकती हैं. एक बार मैं महेश्वर नाम की जगह में था जहाँ कुछ समय के लिए अहल्या ने एक शक्तिशाली शासन स्थापित किया था. वहाँ ड्यूटी कर रहे संतरी ने यह पूछकर मुझे दंग कर दिया कि मैं किस नदी का हूँ. यह दिलचस्प सवाल था क्योंकि मेरी भाषा, मेर…

अविनाश मिश्र की डायरी से कुछ नई सतरें

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प्रेरणाएं करीब-ए-मर्ग हैं मगर यह रियाज का वक्त है - एक लहर में आती हैं वे मेरे पास
- वे आयतों की तरह उतरती हैं मुझ पर  - जब मैं बेहद उदास होता हूं  - मैं प्रेरणा में यकीन रखता हूं  - मुझे स्मृतियां अच्छी लगती हैं  - वर्ष के सबसे नीरस महीनों में 
- वे धूल भरी आंधियों की तरह उठती हैं                                                                 
एक क्रम में एक ‘गलत कविता’ से प्रतीत होते ऊपर के वाक्य दरअसल भिन्न-भिन्न ‘रचना प्रक्रियाएं’ हैं। वैसे कई लंबी कविताएं भी मैंने लिखी हैं, लेकिन अब जब सब कुछ सर्वथा अपाठ्य होता जा रहा है, ऐसे में स्वरचित लंबी कविताओं का सार्वजनिक प्रकटीकरण मुझे एकदम गैरजरूरी लगता है। और अगर आप यह टेप रिकॉर्डर बंद कर दें तब मैं कुछ और भी काम की बातें बता सकता हूं। 
मसलन, यह एक सच है कि जो अच्छे कवि नहीं बन पाते, वे अच्छे आलोचक बन जाते हैं। जो अच्छे आलोचक नहीं बन पाते, वे अच्छे निर्णायक बन जाते हैं। जो अच्छे कहानीकार नहीं बन पाते, वे अच्छे संपादक बन जाते हैं और जो अच्छे संपादक नहीं बन पाते, वे अच्छे दलाल बन जाते हैं। वैसे ये सब व्यक्तित्व बनने की प्रक्रियाएं हैं, लेकिन इन…