सबद
vatsanurag.blogspot.com

पीयूष दईया की दो कविताएं

गीत चतुर्वेदी के लिए लिखी जा रही
एक काव्य-श्रृंखला से दो कविताएं


जब मैं कविताएं पढूं


देखना
जब मैं कविताएं पढूं
तब सभागृह में कोई न हो
जैसे भाषा या जीवन में

पढ़नेवाला
तो कत्तई नहीं
और सुननेवाला कल्पना तक से बाहर

और दर्शक भी
न रहे

आत्मा
जब मैं कविताएं पढूं

लिखता हुआ मिलूं
****
जाल जुलाहा

जाल जुलाहा
अकेला

जागा
अपने लिए

सारी आंख
जहां कोई पक्षी नहीं है

एक पिंजरा आकाश में
सीढ़ी है

गए फूलों से
वहां

या बारिश में गिर
एक बच रहा

है
जाल जुलाहा
****
( पीयूष दईया ने सबद पर इससे पूर्व भी हकु शाह के साथ अपनी बातचीत छपाई है. वह अब पुस्तकाकार ''मानुष'' नाम से आ चुकी है. इसके अलावा चित्रकार अखिलेश के साथ उनकी बातचीत ''अखिलेश : एक संवाद'' नाम से छपी है. वे लम्बे अरसे से कविताएं लिखते रहे हैं और उन्हें बहुत कम छपाया है. मेरे मालूमात में अब जाकर उनकी कविता पुस्तक ''चिह्न'''नाम से छप रही है. सबद पर शीघ्र ही उनकी लिखी हुई कथाएं छपेंगी. उन्हें हाल में कृष्ण बलदेव वैद फेलोशिप दी गई है, जिसके लिए बधाई! गीत चतुर्वेदी पर लिखी अपनी ये कविताएं उन्होंने गीत की एक अत्यंत श्रेष्ठ कविता ''उभयचर'' के सबद पर प्रकाशन के अगले ही दिन बड़े प्रेम-भाव से भेजी थी.)   
12 comments:

दोनों रचनाएँ पसंद आईं...


pyaari kavitayen, pahli to aur bhi pyaari.
shubhkaamnayen.

Ssiddhant Mohan Tiwary
Varanasi.


इन कविताओं में बारिश के-से अहसास हैं. कहीं गहरे तक भिगोती हुई. गीत जिंदाबाद. जिंदाबाद कि आपके बहाने यह कविता आई.


आत्मीयता के एहसास से भरपूर दोनों कविताएं अच्छी लगीं। गीत की लम्बी कविता भी पसंद आई।

-देवमणि पाण्डेय


एक बहुत गहरे एकांत की चाह लिये दोनो ही कविताओं में मुझे रिक्तता का बोध एक अजीब किस्‍म के फैलाव को लिये हुए मिला। अजीब इसलिये कि यहां शुन्‍यता कोई गणित जन्‍य नही, भाव-जन्‍य है। यह आश भी है और चुभन भी, संकुचन और विस्‍तार दोनो ही के साथ खेलता, दोनो ही को तलाशता।


इन कविताओं ने पच्चीस साल पहले पढ़ी एक कविता की इन पंक्तियों को ताजा कर दिया।
" दार्जिलिंग के अपने होटल की खिड़की खोली तो मन मान से भर उठा, प्रकृति ने मेरे बिना ही यह आयोजन कर लिया! "
गंगानन्द


गहरे भाव बोध के साथ सधे शब्दो की कहन
पीयूषजी को बधाई !

सबद… परिवार केमित्रों से गुजारिश है
संभव हो तो
कृपया निम्न लिंक द्वारा सृजनगाथा पर
मेरी रचना इंतज़ार है …
पर आपकी बहुमूल्य प्रतिक्रिया दे ।
http://www.srijangatha.com/Geet1-15Apr_2k10
आभार सहित
- राजेन्द्र स्वर्णकार


bhai pius daiya,
jai ho!
geet chaturvedi ke liye likhi aapki dono kavitayen achhi lagi.mujhe aapka kavita shilp bahut ruchta hai.badhai ho!
aajkal kya karte ho?
kahan rehte ho?
mere blog par bhi padharo-
www.omkagad.blogspot.com


दोनों पसंद आईं.....


दोनों रचनाएं काफी अच्छी हैं।


सबद से जुड़ने की जगह :

सबद से जुड़ने की जगह :
[ अपडेट्स और सूचनाओं की जगह् ]

आग़ाज़


सबद का प्रकाशन 18 मई 2008 को शुरू हुआ.

संपादन : अनुराग वत्स.

पिछला बाक़ी

साखी


कुंवर नारायण / कृष्‍ण बलदेव वैद / विष्‍णु खरे / चंद्रकांत देवताले / राजी सेठ / मंगलेश डबराल / असद ज़ैदी / कुमार अंबुज / उदयन वाजपेयी / हृषिकेश सुलभ / लाल्‍टू / संजय खाती / पंकज चतुर्वेदी / आशुतोष दुबे / अजंता देव / यतींद्र मिश्र / पंकज मित्र / गीत चतुर्वेदी / व्‍योमेश शुक्‍ल / चन्दन पाण्डेय / कुणाल सिंह / मनोज कुमार झा / पंकज राग / नीलेश रघुवंशी / शिरीष कुमार मौर्य / संजय कुंदन / सुंदर चंद्र ठाकुर / अखिलेश / अरुण देव / समर्थ वाशिष्ठ / चंद्रभूषण / प्रत्‍यक्षा / मृत्युंजय / मनीषा कुलश्रेष्ठ / तुषार धवल / वंदना राग / पीयूष दईया / संगीता गुन्देचा / गिरिराज किराडू / महेश वर्मा / मोहन राणा / प्रभात रंजन / मृत्युंजय / आशुतोष भारद्वाज / हिमांशु पंड्या / शशिभूषण /
मोनिका कुमार / अशोक पांडे /अजित वडनेरकर / शंकर शरण / नीरज पांडेय / रवींद्र व्‍यास / विजय शंकर चतुर्वेदी / विपिन कुमार शर्मा / सूरज / अम्बर रंजना पाण्डेय / सिद्धान्त मोहन तिवारी / सुशोभित सक्तावत / निशांत / अपूर्व नारायण / विनोद अनुपम

बीजक


ग़ालिब / मिर्जा़ हादी रुस्‍वा / शमशेर / निर्मल वर्मा / अज्ञेय / एम. एफ. हुसैन / इस्‍मत चुग़ताई / त्रिलोचन / नागार्जुन / रघुवीर सहाय / विजयदेव नारायण साही / मलयज / ज्ञानरंजन / सर्वेश्‍वर दयाल सक्‍सेना / मरीना त्‍स्‍वेतायेवा / यानिस रित्‍सोस / फ्रान्ज़ काफ़्का / गाब्रीयल गार्सीया मारकेस / हैराल्‍ड पिंटर / फरनांदो पेसोआ / कारेल चापेक / जॉर्ज लुई बोर्हेस / ओक्टावियो पाज़ / अर्नस्ट हेमिंग्वे / व्लादिमिर नबोकोव / हेनरी मिलर / रॉबर्टो बोलान्‍यो / सीज़र पावेसी / सुजान सौन्टैग / इतालो कल्‍वीनो / रॉबर्ट ब्रेसां / उम्बेर्तो ईको / अर्नेस्‍तो कार्देनाल / ज़बिग्नियव हर्बर्ट / मिक्‍लोश रादनोती / निज़ार क़ब्‍बानी / एमानुएल ओर्तीज़ / ओरहन पामुक / सबीर हका / मो यान / पॉल आस्‍टर / फि़राक़ गोरखपुरी / अहमद फ़राज़ / दिलीप चित्रे / के. सच्चिदानंदन / वागीश शुक्‍ल/ जयशंकर/ वेणु गोपाल/ सुदीप बैनर्जी /सफि़या अख़्तर/ कुमार शहानी / अनुपम मिश्र

सबद पुस्तिका : 1

सबद पुस्तिका : 1
भारत भूषण अग्रवाल पुरस्‍कार के तीन दशक : एक अंशत: विवादास्‍पद जायज़ा

सबद पुस्तिका : 2

सबद पुस्तिका : 2
कुंवर नारायण का गद्य व कविताएं

सबद पुस्तिका : 3

सबद पुस्तिका : 3
गीत चतुर्वेदी की लंबी कविता : उभयचर

सबद पुस्तिका : 4

सबद पुस्तिका : 4
चन्‍दन पाण्‍डेय की कहानी - रिवॉल्‍वर

सबद पुस्तिका : 5

सबद पुस्तिका : 5
प्रसन्न कुमार चौधरी की लंबी कविता

सबद पुस्तिका : 6

सबद पुस्तिका : 6
एडम ज़गायेवस्‍की की कविताएं व गद्य

सबद पुस्तिका : 7

सबद पुस्तिका : 7
बेई दाओ की कविताएं

सबद पुस्तिका : 8

सबद पुस्तिका : 8
ईमान मर्सल की कविताएं

सबद पुस्तिका : 9

सबद पुस्तिका : 9
बाज़बहादुर की कविताएं - उदयन वाजपेयी

सबद पोएट्री फि़ल्‍म

सबद पोएट्री फि़ल्‍म
गीत चतुर्वेदी की सात कविताओं का फिल्मांकन

सबद फिल्‍म : प्रेम के सुनसान में

सबद फिल्‍म : प्रेम के सुनसान में
a film on love and loneliness

सबद पोएट्री फिल्‍म : 3 : शब्‍द-वन

सबद पोएट्री फिल्‍म : 3 : शब्‍द-वन
किताबों की देहरी पर...

गोष्ठी : १ : स्मृति

गोष्ठी : १ : स्मृति
स्मृति के बारे में चार कवि-लेखकों के विचार

गोष्ठी : २ : लिखते-पढ़ते

गोष्ठी : २ : लिखते-पढ़ते
लिखने-पढ़ने के बारे में चार कवि-लेखकों की बातचीत

सम्‍मुख - 1

सम्‍मुख - 1
गीत चतुर्वेदी का इंटरव्‍यू

अपवाद : [ सबद का सहोदर ] :

अपवाद : [ सबद का सहोदर ] :
मुक्तिबोध के बहाने हिंदी कविता के बारे में - गीत चतुर्वेदी