सबद
vatsanurag.blogspot.com

बधाई : व्योमेश


( पुरस्कार यों तो हर बार विवाद का विषय बन जाते हैं, युवा कविओं को मिलनेवाला, ''अंकुर मिश्र स्मृति पुरस्कार'' जब इस बार बनारस के व्योमेश शुक्ल को देने की घोषणा हुई तो प्रायः सबने इस निर्णय को खुले मन से सराहा। व्योमेश जैसे कविओं के साथ हिन्दी कविता एक जटिल और लगातार अजनबी होते समय को बहुत संवेदनशीलता से ज़ज्ब और व्यक्त कर रही है। हमारे आग्रह पर उन्होंने सबद के लिए अपनी कविताएं भेजी। हम उनके आभारी हैं और उनके सुदीर्घ कृति जीवन की कामना करते हैं। )


यह भी संभव

मैं आठ से ग्यारह साल का था और मेरी शादी नहीं हुई थी
चिढ़ाने और डराने के लिए बाइस साल का बदनाम हट्टाकट्टा श्याम सुंदर
सामने आकर गाने लगता था--''जिसकी बीबी मोटी उसका भी बड़ा नाम है''
मैं मोटा नहीं था अम्मा स्वस्थ थीं यानी
इस कूटभाषा में बीबी का मतलब माँ था

मुझे सुनाने के लिए बार बार इसे तब गाया गया

धुनों और उपमाओं का इस्तेमाल इस तरह भी संभव है

****

आर्केस्ट्रा

पतली गली है लोहे का सामान बनता है
बनाने वाले दृढ़ ताली निश्चित लय में ठोंकते हैं
हथौड़ी की उंगली
लोहे का ताल
धड़कनों की तरह आदत है समय को यह
समय का संगीत है
ठ क ठ क ठ क ठ क
या
ठकठक ठकठक ठकठक ठकठक

और भी लयें हैं सब लगातार हैं
लोगों को आदत है लयों का यह संश्लेष सुनने की
हम प्रत्येक को अलग-अलग पहचानते हैं
और साथ-साथ भी

एक दिन गली में लड़का पैदा हुआ है और
शहनाइयां बज रही हैं
पृष्ठभूमि में असंगत लोहे के कई ताल
एक बांसुरी बेचनेवाले बजाता हुआ बांसुरी
गली में दाखिल है और
बांसुरी नहीं बिकी है शहनाई वाले से अब बात हो रही है
वह बातचीत संगीत के बारे में नहीं है पता नहीं किस बारे में है
एक प्राइवेट स्कूल का ५०० प्रति माह पाने वाला तबला अध्यापक
इस दृश्य को दूर से देख रहा है

****
8 comments:

बिलकुल नई कहन,
नया अंदाज़,
नये बिम्ब
नया शब्दांकन

बधाई व्योमेश भाई को
और सबद को इस समाचार को विस्तार
देने के लिये.


व्योमेश बहुत होनहार, समझदार और वैचारिक रूप से तैयार कवि है। उसकी अभिव्यक्ति में एक अजब-सा साहस है। मुझे वो निजी तौर पर भी बहुत पसन्द है। अनुराग जी आपने उसके महत्व को रेखांकित किया, मुझे अच्छा लगा।


व्योमेश शुक्ल को बधाई ! 'भारतेंदु' फ़िल्म की शूटिंग के दौरान उन्होंने मदद की। उनका उल्लेख भी है। खूब लिखें और अच्छा लिखें। शुभकामनाएं!


naya kavi ke anubhaw sansaar aur rachnasheelta se parichit karaya.aapko dhnywad aur kavi ko shubhkamnayen.


व्योमेश शुक्ल को बधाई..एक अलग अंदाज है. और कवितायें सुनायें इनकी.


vyomesh bhaee ko badhaee. unhone jaldi apni kahan kee nyi bhangima pa lee hai, kahen ki apne nyepan me hi janma kvi....vyomesh idhar ke nye kviyon me sbse jyada sarthak aur mahatvpurn hain. unhe yah puraskar milna mujhe vyaktigat taur par bhi ahladkari lag rha hai.


vyomeshji ko meri ore se bhi badhai. unki kavitaon ki taazgi aakarshit karti hai. vyomeshji ki kavitayen parhwane ke liye anuragji aapko bhi badhai.
prabhat


पसंद आई कविताएं।
बहुत अच्छी बात
व्योमेश को बधाइयां खूब खूब।

शुक्रिया आपका भी।


सबद से जुड़ने की जगह :

सबद से जुड़ने की जगह :
[ अपडेट्स और सूचनाओं की जगह् ]

आग़ाज़


सबद का प्रकाशन 18 मई 2008 को शुरू हुआ.

संपादन : अनुराग वत्स.

पिछला बाक़ी

साखी


कुंवर नारायण / कृष्‍ण बलदेव वैद / विष्‍णु खरे / चंद्रकांत देवताले / राजी सेठ / मंगलेश डबराल / असद ज़ैदी / कुमार अंबुज / उदयन वाजपेयी / हृषिकेश सुलभ / लाल्‍टू / संजय खाती / पंकज चतुर्वेदी / आशुतोष दुबे / अजंता देव / यतींद्र मिश्र / पंकज मित्र / गीत चतुर्वेदी / व्‍योमेश शुक्‍ल / चन्दन पाण्डेय / कुणाल सिंह / मनोज कुमार झा / पंकज राग / नीलेश रघुवंशी / शिरीष कुमार मौर्य / संजय कुंदन / सुंदर चंद्र ठाकुर / अखिलेश / अरुण देव / समर्थ वाशिष्ठ / चंद्रभूषण / प्रत्‍यक्षा / मृत्युंजय / मनीषा कुलश्रेष्ठ / तुषार धवल / वंदना राग / पीयूष दईया / संगीता गुन्देचा / गिरिराज किराडू / महेश वर्मा / मोहन राणा / प्रभात रंजन / मृत्युंजय / आशुतोष भारद्वाज / हिमांशु पंड्या / शशिभूषण /
मोनिका कुमार / अशोक पांडे /अजित वडनेरकर / शंकर शरण / नीरज पांडेय / रवींद्र व्‍यास / विजय शंकर चतुर्वेदी / विपिन कुमार शर्मा / सूरज / अम्बर रंजना पाण्डेय / सिद्धान्त मोहन तिवारी / सुशोभित सक्तावत / निशांत / अपूर्व नारायण / विनोद अनुपम

बीजक


ग़ालिब / मिर्जा़ हादी रुस्‍वा / शमशेर / निर्मल वर्मा / अज्ञेय / एम. एफ. हुसैन / इस्‍मत चुग़ताई / त्रिलोचन / नागार्जुन / रघुवीर सहाय / विजयदेव नारायण साही / मलयज / ज्ञानरंजन / सर्वेश्‍वर दयाल सक्‍सेना / मरीना त्‍स्‍वेतायेवा / यानिस रित्‍सोस / फ्रान्ज़ काफ़्का / गाब्रीयल गार्सीया मारकेस / हैराल्‍ड पिंटर / फरनांदो पेसोआ / कारेल चापेक / जॉर्ज लुई बोर्हेस / ओक्टावियो पाज़ / अर्नस्ट हेमिंग्वे / व्लादिमिर नबोकोव / हेनरी मिलर / रॉबर्टो बोलान्‍यो / सीज़र पावेसी / सुजान सौन्टैग / इतालो कल्‍वीनो / रॉबर्ट ब्रेसां / उम्बेर्तो ईको / अर्नेस्‍तो कार्देनाल / ज़बिग्नियव हर्बर्ट / मिक्‍लोश रादनोती / निज़ार क़ब्‍बानी / एमानुएल ओर्तीज़ / ओरहन पामुक / सबीर हका / मो यान / पॉल आस्‍टर / फि़राक़ गोरखपुरी / अहमद फ़राज़ / दिलीप चित्रे / के. सच्चिदानंदन / वागीश शुक्‍ल/ जयशंकर/ वेणु गोपाल/ सुदीप बैनर्जी /सफि़या अख़्तर/ कुमार शहानी / अनुपम मिश्र

सबद पुस्तिका : 1

सबद पुस्तिका : 1
भारत भूषण अग्रवाल पुरस्‍कार के तीन दशक : एक अंशत: विवादास्‍पद जायज़ा

सबद पुस्तिका : 2

सबद पुस्तिका : 2
कुंवर नारायण का गद्य व कविताएं

सबद पुस्तिका : 3

सबद पुस्तिका : 3
गीत चतुर्वेदी की लंबी कविता : उभयचर

सबद पुस्तिका : 4

सबद पुस्तिका : 4
चन्‍दन पाण्‍डेय की कहानी - रिवॉल्‍वर

सबद पुस्तिका : 5

सबद पुस्तिका : 5
प्रसन्न कुमार चौधरी की लंबी कविता

सबद पुस्तिका : 6

सबद पुस्तिका : 6
एडम ज़गायेवस्‍की की कविताएं व गद्य

सबद पुस्तिका : 7

सबद पुस्तिका : 7
बेई दाओ की कविताएं

सबद पुस्तिका : 8

सबद पुस्तिका : 8
ईमान मर्सल की कविताएं

सबद पुस्तिका : 9

सबद पुस्तिका : 9
बाज़बहादुर की कविताएं - उदयन वाजपेयी

सबद पोएट्री फि़ल्‍म

सबद पोएट्री फि़ल्‍म
गीत चतुर्वेदी की सात कविताओं का फिल्मांकन

सबद फिल्‍म : प्रेम के सुनसान में

सबद फिल्‍म : प्रेम के सुनसान में
a film on love and loneliness

सबद पोएट्री फिल्‍म : 3 : शब्‍द-वन

सबद पोएट्री फिल्‍म : 3 : शब्‍द-वन
किताबों की देहरी पर...

गोष्ठी : १ : स्मृति

गोष्ठी : १ : स्मृति
स्मृति के बारे में चार कवि-लेखकों के विचार

गोष्ठी : २ : लिखते-पढ़ते

गोष्ठी : २ : लिखते-पढ़ते
लिखने-पढ़ने के बारे में चार कवि-लेखकों की बातचीत

सम्‍मुख - 1

सम्‍मुख - 1
गीत चतुर्वेदी का इंटरव्‍यू

अपवाद : [ सबद का सहोदर ] :

अपवाद : [ सबद का सहोदर ] :
मुक्तिबोध के बहाने हिंदी कविता के बारे में - गीत चतुर्वेदी